
छत्तीसगढ के साहित्तिक बिरादरी में डॉ.जैन जी का नाम सम्मान से लिया जाता है, सो उनके संबंध में संक्षिप्त जानकारी मुझे थी । उनके ब्लाग की कविताओं एवं दमदार टिप्पणियों नें उनका पूर्ण परिचय करा दिया था। उनके संबंध में छपे समाचार को देखकर उत्सुकता हुई और मन हुआ कि इस खुशी को मित्रों के साथ बांटा जाए । समाचार ज्यों का त्यों प्रस्तुत है –
राजनांदगांव, 1 अप्रैल । कालेज के डॉ.चंद्रकुमार जैन को अंतरजाल के लोकप्रिय सर्च इंजन गूगल के नियमित पाठक समूह का सदस्य बनाया गया है । इसके साथ ही सतत् सार्थक लेखन करते हुए समसामयिक विमर्श में शसक्त और प्रभावशाली हस्तक्षेप के आधार पर उन्हें वर्ष 2008-09 का सर्वश्रेष्ठ टिप्पणीकार घोषित किया गया है । गौरतलब है कि भोपाल, नई दिल्ली, मुम्बई, बैंगलूर, कोलकाता सहित विदेशों में रहने वाले कई भारतीय कवि लेखक तथा पत्रकारों नें डॉ.चुद्रकुमार जैन की मर्मस्पर्शी लेखनी, कथन शैली के अलावा उनकी संक्षिप्त सारगर्भित और व्यंजना गुण युक्त टिप्पणियों को मील का पत्थर करार दिया है । प्रिंट और इलैक्ट्रानिक मीडिया से ढाई दशक से राष्ट्रीय स्तर पर जुडे अजित वडनेरकर नें इन तमाम खूबियों का जिक्र करते हुए डॉ. जैन का परिचय नेट पर जारी किया है । उधर प्रख्यात कवि-लेखक उदय प्रकाश नें भी डॉ.जैन को संदेश प्रेषित कर उनकी लीक से अलग क्षमता की सराहना की है ।
डॉ.चंद्रकुमार जैन जी को हमारी भी बहुत बहुत शुभकामनायें ।
पुछल्ला -
देश के प्राय: सभी समाचार पत्रों में अब ब्लागों के संबंध में नियमित स्तंभ प्रकाशित हो रहे हैं जिनमें से छत्तीसगढ में भी कुछ समाचार पत्र आते हैं किन्तु छत्तीसगढ से सक्रिय ब्लागों का जिक्र छत्तीसगढ के प्रिंट मीडिया वाले बहुत कम करते हैं या करना ही नहीं चाहते । यहां मैं आदरणीय अनिल पुसदकर जी से क्षमा सहित कहना चाहूंगा कि कुछ फीचर विभाग के तथाकथित पत्रकार भले ही हिन्दी ब्लागों के समाग्रियों को कापी कर या फिर उसके विषय वस्तु का सहारा लेकर समाचार या कवर स्टोरी को रंग दे देंगें किन्तु एकाध समाचार पत्र को छोडकर अधिकतम समाचार पत्र वाले संदर्भो की जानकारी ही नहीं देंते। ऐसी परिस्थितियों में डॉ.जैन के इस समाचार को समाचार पत्र में पढ कर खुश होना लाजमी है ।